Juhie Singh @juhiesingh · 03 Sep 2026
यह व्यवहार केवल व्यक्तिगत अहंकार को दर्शाता है ,पढ़ लिख कर ,इम्तिहान पास कर पद पर पहुँच कर पद की मर्यादा और सभ्य आचरण रखने में असमर्थ व्यक्ति समाज में क्षत्रिय कुल के जीवन मूल्यों को क्या अपना भी पाएगा यह गंभीर प्रश्न है ,कर्म से क्षत्रिय बनें,मूछों से नहीं तब आप अनुसरणीय होंगे
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